MITS में महीने भर पहले बना नवीन प्रवेश द्वार चढ़ा कमीशन की भेंट, चहेतो को ग्रेड पे का एरियर, 42 फैकल्टी स्टाफ को जुलाई का अब तक वेतन भी नहीं – कहा लिखकर दो घर में आर्थिक तंगी

एमआईटीएस के कथित कुलगुरु के कार्यकाल में हुई अनियमितताओं की जांच चल रही लेकिन साहब पर अहंकार का भूत सिर चढ़कर बोल रहा है जिसके कारण अनियमितताओं का सिलसिला अभी थमा नहीं है।
गौरतलब है कि महीनेभर पहले छात्रों के प्रवेश के लिए बनवाए गए नवीन प्रवेश द्वार (गेट नंबर 2) घोटाले की दास्ताँ बयान खुद कर रहा है। इस प्रवेश द्वार के धरातल पर लगाई गई पेवर ब्लॉक्स टाईल्स जो नवीन शैक्षणिक सत्र आरंभ होने के सिर्फ 5 दिन में उखड़कर बाहर आ गई है जो साहब और साहब के चापलूसों की कमीशनखोरी को चीख चीख कर प्रमाण दे रही है l यह आलम तब है जब साहब के मनपसंद दो दो सिविल इंजीनियरों को सिविल कार्य की गुणवत्ता परखकर निर्माण कार्य कराने की मोटी तनख्वाह दी जा रही है वह बात ओर है कि क्वालिटी कंट्रोल के नाम पर एक विशेष ठेकेदार से ही कार्य कराने के लिए कमीशन लेकर बंगले तक पहुँचाना इनकी जिम्मेदारी है। उल्लेखनीय है कि इनसे पूर्व उक्त क्वालिटी कंट्रोल कार्य के लिए संविदा पर एक अन्य इंजीनियर अर्पित गोयल को रखा हुआ था परंतु अपरिहार्य कारणों से उन्हें एकदम से बाहर का रास्ता दिखाकर बलि के लिए दो नए लोग ढूंढ लिए है ताकि हमेशा की तरह कागजो में इनके हस्ताक्षर करवाकर सारा दोषारोपण इनपर किया जा सके।

यही नहीं सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार अपात्र अयोग्य कथित कुलगुरु की अंधेरगर्दी ही है कि लगभग 42 कर्मचारियों को जुलाई माह का वेतन 23 अगस्त तक नहीं दिया गया है जबकि जीहजूरी करने वाले कुछेक जूनियर प्रोफेसरों को संस्थान की स्थापना वर्ष से चली आ रही परम्परा को भी तोड़कर ग्रेड पे का भुगतान करते हुए प्रत्येक को लगभग एक लाख रु का एरियर बांट दिया गया है।
इतने वर्षों तक एमआईटीएस में अपना जीवन देकर संस्थान से हजारों विद्यार्थियों को कुशल इंजीनियर बनाने वाले संस्थान का गौरव स्थापित करने वाले प्रोफेसरों और कर्मचारियों को आखिर किस बात की सजा दी जा रही है, क्या संस्थान के अन्य कर्मचारियों को यह शिक्षा देना चाहते है कि तुम्हे भी गुलामी करनी ही होगी। कथित कुलगुरु की इस गुंडागर्दी से सिंधिया राजपरिवार के इस संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों में रोष की भावना बढ़ती जा रही है।
लिखकर दे घर में आर्थिक तंगी

कथित कुलगुरु की अपात्रता और शैक्षणिक अयोग्यता और अहंकार से एमआईटीएस संस्थान के कर्मचारियों ही नहीं संस्थान ही नहीं बल्कि इस संस्थान का उच्च प्रबंधन संभाल रहे सिंधिया राजपरिवार के लिए भी शर्मनाक स्थिति बनकर खड़ी है। हाल ही में इन कथित कुलगुरु की विशेष कृपापात्र महिला कर्मचारी ने इन कर्मचारियों को एक फॉर्मेट थमाकर हस्ताक्षर करने के लिए कह दिया है जिसका भाव है मेरे घर में आर्थिक संकट बना हुआ है मुझे मेरा वेतन देने को कृपा करें।
संस्थान के कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सिंधिया राजपरिवार पर पूर्ण विश्वास है कि राजपरिवार अपनी परम्परा अनुसार जनभावना का ध्यान व न्याय करते हुए संस्थान के कर्मचारियों के दिलो को पुनः जीतेंगे और एक बार फिर संस्थान का गौरव बहाल करेंगे।



