ग्वालियर में नगर निगम का कड़ा एक्शन: सिंधिया कन्या विद्यालय रोड पर बिना परमिशन बन रही ‘सोफा गैलरी’ का काम रुकवाया, निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू

गिर्राज रजक, ग्वालियर
ग्वालियर। शहर में अवैध और बिना अनुमति के किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ ग्वालियर नगर निगम ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। पड़ाव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंधिया कन्या विद्यालय रोड पर ‘सोफा गैलरी’ द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माण कार्य को निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी तरह बंद करा दिया है। नगर निगम के आला अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध निर्माणकर्ताओं और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
स्वीकृत नक्शे (भवन अनुज्ञा) के विपरीत बन रही थी बिल्डिंग, सिटी प्लानर ने दी जानकारी

कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए नगर निगम के सिटी प्लानर श्री सुरेश अहिरवार ने बताया कि यह पूरा मामला वार्ड क्रमांक 58 का है। यहां सिंधिया कन्या विद्यालय रोड पर स्थित सोफा गैलरी के पास एक भूखंड (प्लॉट) पर निर्माणकर्ता श्री अजय अग्रवाल एवं उनके सहयोगियों द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था। जांच में सामने आया कि यह निर्माण कार्य नगर निगम द्वारा पास की गई भवन अनुज्ञा (Building Permission) और तय नक्शे के पूरी तरह विपरीत था, जिसके बाद इसे तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए।
मौके पर पहुंची निगम की भारी-भरकम टीम, अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की तैयारी

अवैध निर्माण की पुख्ता शिकायत और जांच के बाद बुधवार को नगर निगम की एक संयुक्त और भारी-भरकम टीम ने मौके पर दबिश दी। अधिकारियों ने न केवल चल रहे काम को तुरंत बंद कराया, बल्कि स्वीकृत नियमों के खिलाफ खड़े किए गए अवैध ढांचे को वहां से हटाने और ध्वस्त करने की दंडात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर के विकास और सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा।
मदाखलत दस्ता और भारी पुलिस बल रहा तैनात, कानून-व्यवस्था रही दुरुस्त
इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मौके पर किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सहायक सिटी प्लानर श्री राकेश कश्यप, भवन अधिकारी श्री पवन शर्मा, क्षेत्र अधिकारी श्री रविन्द्र प्रताप सिंह, मदाखलत अधिकारी श्री शैलेन्द्र सिंह चौहान सहित मदाखलत गैंग और कार्यालयीन स्टाफ की मुख्य भूमिका



