ग्वालियर में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’: गंगा दशहरा पर जिले भर में बहेगी श्रमदान की बयार, सांसद भारत सिंह कुशवाह करेंगे मुख्य आयोजन का शुभारंभ

ग्वालियर: मध्य प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन को एक जन-आंदोलन का रूप देने के लिए ग्वालियर जिले में व्यापक तैयारियां की गई हैं। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत गंगा दशहरा (25 मई) के पावन पर्व पर जिले भर के जल स्रोतों पर सामूहिक श्रमदान, दीपदान, भव्य आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए सभी प्रशासनिक अधिकारियों को इस अभियान को जनभागीदारी के साथ प्रभावी बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मेहराब साहब की तलैया पर जुटेगा जिला प्रशासन, बैजाताल पर सजेगी सांस्कृतिक संध्या
अभियान के तहत जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 25 मई को सुबह 7:30 बजे लक्ष्मीगंज के पास स्थित ऐतिहासिक ‘मेहराब साहब की तलैया’ पर आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह उपस्थित रहेंगे। यहाँ जनप्रतिनिधि, आला अधिकारी और स्थानीय नागरिक मिलकर सामूहिक श्रमदान करेंगे। इसके अलावा, ग्वालियर नगर निगम के सभी 66 वार्डों में भी सफाई और श्रमदान के विशेष कैंप लगाए जाएंगे। वहीं, इसी दिन शाम 6:30 बजे बैजाताल के खूबसूरत परिसर में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।
ग्रामीण अंचलों और विकासखंडों में भी होंगे विशेष आयोजन
गंगा दशहरा के मौके पर ग्वालियर के सभी विकासखंडों (ब्लॉक्स) में स्थानीय स्तर पर बड़े कार्यक्रम तय किए गए हैं:
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डबरा: मकोड़ा में विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम होगा। यहाँ नोन और सिंध नदी के घाटों पर चुनरी अर्पण, विधि-विधान से पूजन और दीपदान किया जाएगा।
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मुरार: प्रसिद्ध भदावना क्षेत्र, झिलमिल नदी तट और ग्राम रौरा स्थित अमृत सरोवर पर विशेष गतिविधियां होंगी।
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भितरवार: ग्राम बागवई के ऐतिहासिक सरोवर और पार्वती नदी के घाटों पर संरक्षण कार्य किए जाएंगे।
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घाटीगांव: मेहरपुरा तालाब पर मुख्य ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम होगा। साथ ही इस विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी 36 अमृत सरोवरों पर पारंपरिक रूप से चुनरी चढ़ाई जाएगी। इसके अलावा मोहना, आंतरी, बिलौआ और पिछोर जैसी नगर परिषदों में भी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
पोर्टल पर अपलोड होंगे फोटो; हैंडपंपों के पास सोखता गड्ढे बनाने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य शासन इस अभियान को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों और श्रमदान के फोटोग्राफ्स उसी दिन अनिवार्य रूप से शासकीय पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सभी चालू हैंडपंपों के प्लेटफॉर्म को दुरुस्त करने और उनके पास ‘सोखता गड्ढों’ (Soak Pits) का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया, ताकि भूजल स्तर (Groundwater Level) को सुधारा जा सके।
इस महत्वपूर्ण डिजिटल बैठक में अपर कलेक्टर कुमार सत्यम, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत सहित जिले के सभी एसडीएम (SDM), जनपद सीईओ और मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने आम जनता, सामाजिक संगठनों, धर्मगुरुओं और युवाओं से अपील की है कि वे इस जल-महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।




