जिंदा बुजुर्ग को कागजों में ‘मृत’ दिखाकर जमीन हड़पी, मुरैना में भतीजों पर बड़ा फर्जीवाड़े का आरोप…

जिंदा बुजुर्ग को कागजों में ‘मृत’ दिखाकर जमीन हड़पी, मुरैना में भतीजों पर बड़ा फर्जीवाड़े का आरोप…
मुरैना जिले में जमीन हड़पने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि उनके ही भतीजों ने सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखाकर उनकी पैतृक जमीन अपने नाम करा ली और अब जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
गिर्राज रजक, मुरैना,
मुरैना। बानमोर तहसील के खरगपुर गांव निवासी 65 वर्षीय हरवल्लभ पुत्र करन सिंह कढ़ेरा मंगलवार को पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ के जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुंचे और लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वह पूरी तरह जीवित हैं, लेकिन उनके भतीजों ने कागजों में उन्हें मृत दर्शाकर उनकी जमीन हड़प ली है।
हरवल्लभ के अनुसार गांव के सर्वे नंबर 329, 331, 334 और 335 में करीब सात बीघा पैतृक जमीन उनके नाम दर्ज थी। उनके भाई शत्रुधन के बेटे महेश और विनोद ने कथित रूप से धोखाधड़ी कर 2 फरवरी को इस जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। बुजुर्ग का कहना है कि वह किसी भी रजिस्ट्री कार्यालय में नहीं गए और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर या अंगूठा लगाया, फिर भी जमीन का हस्तांतरण कर दिया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि भतीजों ने जमीन पर कब्जा कर लिया है और उन्हें खेत पर जाने तक नहीं दिया जा रहा। खेत की ओर जाने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है और जमीन बेचने की बात कही जाती है। इस घटनाक्रम से वह भयभीत हैं और प्रशासन से सुरक्षा व न्याय की मांग कर रहे हैं।

हरवल्लभ ने एसपी से जमीन का नामांतरण तत्काल रोकने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी जमीन पूरी तरह बिक जाएगी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर रजिस्ट्री और राजस्व अभिलेखों की भी जांच की तैयारी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर का गंभीर मामला माना जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवादों से जुड़ी ऐसी घटनाएं बढ़ती धोखाधड़ी की ओर इशारा करती हैं, जहां बुजुर्गों और अकेले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिला पाता है।




