प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग में दो दिवसीय, प्रथम अंतर्राष्ट्रीय विधि सेमिनार का हुआ शुभारंभ…
प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग में दो दिवसीय, प्रथम अंतर्राष्ट्रीय विधि सेमिनार का हुआ शुभारंभ...
प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग में दो दिवसीय, प्रथम अंतर्राष्ट्रीय विधि सेमिनार का हुआ शुभारंभ…
गिर्राज रजक, ग्वालियर,
प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोध संस्थान, ग्वालियर के विधि विभाग में आज दिनांक 26.09.2025 को स्व.श्री जस्टिस एम.एस. शाह की पावन स्मृति में पहले अंतर्राष्ट्रीय विधि से सेमिनार का भव्य शुभारंभ हुआ।
इस अंतर्राष्ट्रीय विधि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य एक वैश्वीकृत दुनिया में कानून के उभरते आयाम, चुनौतियों, सुधार पर प्रकाश डालना है तथा वैश्वीकरण के दौर में कानून के क्षेत्र में आ रहे मौलिक परिवर्तनों, नई चुनौतियों और आवश्यक सुधारों पर भी गहन विचार विमर्श करना है।
यह अंतर्राष्ट्रीय विधि सेमिनार कानूनी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और छात्रों को एक मंच प्रदान करेगा ताकि वे कानून और अन्य विषयों के बीच अतसंबंधों पर अपने विचार और शोध प्रस्तुत कर सके। सेमिनार में देश-विदेश के जाने-माने न्यायविद, न्यायाधीश और प्रोफेसर शामिल होंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफसर डाॅ. मनोज कुमार सिन्हा, वाइस चांसलर, डीएनएलयू. जबलपुर ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के सेमिनार काफी महत्वपूर्ण सिद्ध होते है क्योंकि हम अलग-अलग कानून विद के साथ चर्चा करके समाज को एक नयी दिशा प्रदान करते है उन्होंने आज की समस्याओं के अनुरूप कानून के विद्यार्थियों को ढलने के लिए प्रेरित किया और उनका मार्गदर्शन भी किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. प्रवीन त्रिपाठी , रजिस्ट्रार, डीएनएलयू, जबलपुर ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कानून का अपना अलग स्थान है जो सभी को बराबरी से चलने के लिए प्रेरित करता है उन्होंने यह भी बताया कि कानून के विद्यार्थियों को अपने आप को स्थापित करने के लिए कानून के बारे में गहराई से अध्ययन करना जरूरी है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डाॅ. लेटिजिया कोपो , ऐसोसिऐट प्रोफेसर, लियोन केथोलिक यूनिवर्सिटी, फ्रांस ने बताया कि आज के समय में समाज में रह रहे लोगों को न्याय और समानता दिलाना ही हमारा परम उद्देश्य होना चाहिए क्योंकि कानून हमें सब को साथ चलने और बराबरी का दर्जा देने के लिए प्रोत्साहित करना है तथा उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे कृत्रिम बृद्धिमता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एफ.ए.शाह, एम.पी. हाई कोर्ट ग्वालियर।
संस्थान के निदेशक डाॅ. निर्मल्या बंद्योपाध्याय़ ने बताया कि आज का समय नयी – नयी तकनीक को अपनाने का है अगर कानून के क्षेत्र में अपने आप को स्थापित करना है तो हमें उभरते हुये आयाम तथा चुनौतियों का ध्यान रखते हुये समाज के उद्घाटन पर जोर देना
होगा तथा उन्होंने बताया कि इस तरह के मंच सभी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
विधि विभाग की प्राचार्य प्रोफसर *डाॅ. राखी सिंह चैहान* ने बताया कि कानून के छात्रों का भविष्य बहुत ही उज्जवल है और कानून के क्षेत्र में अपार सम्भावनाये है लेकिन सभी कानून के विद्यार्थियों को पूरी लगन से डटे रहना होगा और उन्होंने यह भी बताया कि दिन प्रतिदिन कानून में बदलाव भी हो रहे है सभी को समाज के अनुरूप और चुनौतिपूर्ण आयामों का सम्मान करके अपने आप को स्थापित करना होगा।
इस सेमिनार में विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. हरिओम अवस्थी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जस्टिस एम.ए. शाह का भारतीय न्याय प्रणाली में अतुलनीय योगदान रहा है उन्हें श्रृद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से यह अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है और यह सेमिनार स्व. जस्टिस एम.ए. शाह के न्याय और विधि के प्रति समर्पण को सच्ची श्रृद्धांजलि होगी।
इस सेमिनार में 150 से ज्यादा प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया है जिसमें ऑफ़लाइन और ऑनलाइन 9 टेक्निल सेशन आयोजित किये गये है जिससे सभी प्रतिभागी अपने-अपने रिसर्च पेपर प्रोजेक्ट करेगा तथा जिसमें सेमिनार की थीम के अनुसार वेस्ट रिसर्च पेपर तथा वेस्ट प्रिजेंटर का पुरुस्कार दिया जायेगा।
कार्यक्रम के दौरान विधि विभाग के सभी अध्यापकगण उपस्थित रहे जिसमें सह-प्राध्यापक आशीष यादव, सह-प्राध्यापक आबिल हुसैन, सह-प्राध्यापक राहुल श्रीवास्तव , सह-प्राध्यापिका जिज्ञासा वोहरा , सह-प्राध्यापिका दीक्षा भदौरिया , सह-प्राध्यापिका मानसी सोनी , सह-प्राध्यापिका रिचा मित्तल , सह-प्राध्यापक साहिल वर्मा।
कार्यक्रम का संचालन सह-प्राध्यापिका मानसी गुप्ता ने किया तथा कार्यक्रम के अंत में सह-प्राध्यापक *डाॅ. अक्षय भार्गव* ने सभी का आभार व्यक्त किया।



